Thursday, 19 April 2012

सरकार की नीति


यारों,
सुनो,सुनाता हूँ सरकार की नीति
हर गरीब को मिलेगा
पहने को कपड़ा,रहने को घर ,खाने को रोटी
मंत्री की आवाज व कागज की नीति
मगर कभी भी गरीबों की फटे हाल जिंदगी नहीं सीती
फिर भी अगर आपलोगों को न हो विश्वास
तो अँधेरे में रहने वालों से पूछो
अभी तक ऐसा एक रात नहीं बीती
यारों ,
सुनो ,सुनाता हूँ सरकार की नीति  


जिनके बच्चे है हम जैसे (means educated)
अगर अधिकारी को बतावो Amendments
तो सुनाने लगते है अपनी प्रीति
वो हमेशा दिखते कामों से परेशान
मगर आपका बिना पैसों के नहीं होगा काम
क्या यही सरकार की गरीबों उन्मूलन परिणिति
यारों ,
सुनो ,सुनाता हूँ सरकार की नीति  


इंदिरा आवास में मिलता है पैसा
अधिकारी व मुखिया के बिना जेब गरमाये
नहीं दिखता काम Normal जैसा
हर तरफ लुट –खसोट मचा है
जिसको देखो गरीबों पे पड़ा है
अमीरों की तो पहुँच है होती
यारों ,
सुनो ,सुनाता हूँ सरकार की नीति  

होती है नीति गरीबों की
सिलती  है शर्ट अमीरों की
सरकार को यह सब मालूम होता है
नहीं तो Election  में पैसा कम पड़ता है
उजाले में अंधकार मचा है
फिर भी कहेंगे मेरा सरकार तो सचा है
यारों ,
सुनो ,सुनाता हूँ सरकार की नीति  

महादलित उद्धार की एक नीति है
थोड़े से जमीन पे घर,गाय व Business के थोड़े पैसे मिलते है
C.O (its higher post in block, who is responsible
 to distribute the above things)
को पता होता है
मगर बिना पैसे के वो नहीं सुनता है
ये मैंने अपनी आप बीती सुनाई है
और यही गरीबों की सच्चाई है
यारों ,
सुनो ,सुनाता हूँ सरकार की नीति  
                                                    (Continue………………) may be

                                      18th April.2012
                                                                                     4:45pm

No comments:

Post a Comment